पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीति के केंद्रबिंदु बने दो जिले गोरखपुर और वाराणसी में 7 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा सियासत के कई समीकरण साध गया. इन दोनों जिलों को हजारों करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की सौगात देने के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के सांस्कृतिक और जातिगत एजेंडे को साधने की भरसक कोशिश की. देश भर में समान नागरिक संहिता पर चल रही बहस के बीच मोदी ने गोरखपुर में गीता प्रेस के शताब्दी वर्ष समारोह में अपने संबोधन की शुरुआत भगवद्गीता के श्लोक वसुदेव सुतं देवं से की. गीता प्रेस का विरोध कर रहे विपक्षी दलों को निशाने पर लेते हुए मोदी ने इसे एक तरह का मंदिर करार दिया. गीता प्रेस की प्रतिष्ठा सनातन धर्म के एक बड़े सांस्कृतिक केंद्र के रूप में रही है. इस संस्था के पास हिंदू धर्म से जुड़ी पुस्तकों के प्रकाशन का समृद्धशाली इतिहास है. पहले इस संस्था को गांधी शांति पुरस्कार मिलना और उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी का दौरा भाजपा के सांस्कृतिक और साथ ही साथ राजनीतिक एजेंडे को पुष्ट कर रहा था. गोरखपुर से प्रधानमंत्री मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे. केंद्र सरकार के नौ साल पूरे होने के मौके पर वाजिदपुर में पूर्वी यूपी की अपनी पहली जनसभा में मोदी ने अपने कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं; मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर समेत पूर्वांचल के लाभार्थियों से संवाद किया; पूर्वांचल के जनजातीय समुदाय को साधने के लिए ‘जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी म्यूजियम' का भी जिक्र किया; वाराणसी के भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ टिफिन बैठक कर मोदी ने बड़े सलीके से पूर्वांचल में आस्था और विकास पर टिकी भाजपा की सियासी पिच को भरपूर खाद-पानी दिया.
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फिर उसी बुलंदी पर
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आखिरकार आया अस्तित्व में
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बंगाल विजयनी
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शेरदिल सियासतदां
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शूटिंग क्वीन
मनु भाकर ने पेरिस 2024 ओलंपिक में बदलाव की शानदार पटकथा लिखी. अटूट इच्छाशक्ति से अतीत की निराशा को पीछे छोड़कर उन्होंने अपना भाग्य गढ़ा
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दुनियाभर के विभिन्न मंचों पर धूम मचाने से लेकर भाषाई बंधन तोड़ने और पंजाबी गौरव का परचम फिर बुलंद करने तक, दिलजीत दोसांझ ने साबित कर दिया कि एक सच्चा कलाकार किसी भी सीमा और शैली से परे होता है
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आप के मुखिया के लिए यह खासे नाटकीय घटनाक्रम वाला साल रहा, जिसमें उनका जेल जाना भी शामिल था. अब जब पार्टी लगातार तीसरे कार्यकाल के लिए दिल्ली पर राज करने की निर्णायक लड़ाई लड़ रही, सारी नजरें उन्हीं पर टिकीं