इस की फसल को काटने के लिए किसान पूरा दिन झीलनदियों के किनारे भोर के समय बैठते हैं और एक छोर पर धातु की हुक के साथ लंबी लकड़ी के खंभे को हिलाते हुए पानी के अंदर गहरे से कमल के तने को बाहर निकालते हैं. जिस लोहे की धातु, जिस से कमल के तने निकालते हैं, उसे शम कहते हैं.
नदरू की खेती कश्मीर में रहने वाले किसानों की आजीविका है. इन के कई पूर्वज कमल की खेती करते आ रहे हैं. ये लोग आमतौर पर डल झील के आसपास रहते हैं.
कमल के तने की कटाई सितंबर और मार्च माह के बीच होती है. इस के बीज एक बार ही बोने पड़ते हैं, फिर कई सालों तक फसल अपनेआप तैयार हो जाती है.
देखने में नदरू का तना मुलायम होता है, जिस पर हलके से रुईदार नरम से बारीक रेशे होते हैं. इन तनों की लंबाई लगभग आधा मीटर तक होती है. ये पतले होते हैं. अगर छोटे हों तो ये हलके हरे रंग में होते हैं और थोड़े पक जाएं तो भूरे रंग के हो जाते हैं, जो पकने में थोड़ा समय लेते हैं. इन के काटने पर तने के अंदर बड़ेबड़े गोल से छेद होते हैं, जो देखने में बहुत में आकर्षक लगते हैं.
Denne historien er fra September Second 2023-utgaven av Farm and Food.
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बढ़ेगी मूंगफली की पैदावार
महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने 7 अक्तूबर, 2024 को मूंगफली पर अनुसंधान एवं विकास को उत्कृष्टता प्रदान करने और किसानों की आय में वृद्धि करने हेतु मूंगफली अनुसंधान निदेशालय, जूनागढ़ के साथ समझौतापत्र पर हस्ताक्षर किए.
खाद्य तेल के दामों पर लगाम, एमआरपी से अधिक न हों दाम
केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) के सचिव ने मूल्य निर्धारण रणनीति पर चर्चा करने के लिए पिछले दिनों भारतीय सौल्वेंट ऐक्सट्रैक्शन एसोसिएशन (एसईएआई), भारतीय वनस्पति तेल उत्पादक संघ (आईवीपीए) और सोयाबीन तेल उत्पादक संघ (सोपा) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता की.
अक्तूबर महीने में खेती के खास काम
यह महीना खेतीबारी के नजरिए य से बहुत खास होता है इस महीने में जहां खरीफ की अधिकांश फसलों की कटाई और मड़ाई का काम जोरशोर से किया जाता है, वहीं रबी के सीजन में ली जाने वाली फसलों की रोपाई और बोआई का काम भी तेजी पर होता है.
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रकार की मंशा है कि खेती लाभ का धंधा बने. इस के लिए शासन द्वारा किसान हितैषी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं.
खेती के साथ गौपालन : आत्मनिर्भर बने किसान निर्मल
आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना का लाभ ले कर उन्नत नस्ल का गौपालन कर किसान एवं पशुपालक निर्मल कुमार पाटीदार एक समृद्ध पशुपालक बन गए हैं.
जीआई पंजीकरण से बढ़ाएं कृषि उत्पादों की अहमियत
हमारे देश में कृषि से जुड़ी फल, फूल और अनाज की ऐसी कई किस्में हैं, जो केवल क्षेत्र विशेष में ही उगाई जाती हैं. अगर इन किस्मों को उक्त क्षेत्र से इतर हट कर उगाने की कोशिश भी की गई, तो उन में वह क्वालिटी नहीं आ पाती है, जो उस क्षेत्र विशेष \" में उगाए जाने पर पाई जाती है.
पराली प्रबंधन पर्यावरण के लिए जरूरी
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हरियाणा के चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, करनाल ने चारे के लिए अधिक पैदावार देने वाली उच्च गुणवत्तायुक्त प्रोटीन मक्का (एचक्यूपीएम) की संकर किस्म एचक्यूपीएम 28 विकसित की है.
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धान की कटाई से भंडारण तक की तकनीकी
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