
कुछ आदतें सेहत के लिए बेहद हानिकारक हो सकती हैं। इन्हें बदल डालने में ही भलाई है। आज के मशीनी युग में इंसान अपनी दिनचर्या में कुछ ऐसी आदतों को शामिल कर लेता है, जिसका पता उसे खुद नहीं चलता, पर जब वह आदतें जिंदगी का एक हिस्सा बन जाती हैं तो स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ने लगता है इसलिए वक्त रहते ही इन्हें बदल डालिए।
सोने से पहले मोबाइल पर गपशप
सोने से पहले फ्रैंड्स से लंबी बातचीत करना युवा पीढ़ी का खास शौक है। मोबाइल फोन से निकलने वाला रेडिएशन अनिद्रा और सिर दर्द का सबब बन सकता है। लंबी बातचीत के बाद गहरी नींद आने में काफी समय लग सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि रेडिशन दिमाग के 'स्ट्रेस सिस्टम' को सक्रिय कर देता है, इससे सोने में दिक्कत आती है।
डैमेज कंट्रोल- लंबी बातें करने का ज्यादा ही शौक है और यह बेहद जरूरी है तो लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल करें।
आइपैड पर म्यूजिक सुनना
'हार्वर्ड यूनिवर्सिटी' के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध से पता चला है कि 'बड' इयरफोन जो आइपैड या एमपी-3 के साथ प्रयोग किए जाते हैं, का लोग अक्सर दुरुपयोग करते हैं। बाहरी शोरगुल से मुक्ति पाने एवं ज्यादा जोश जगाने के लिए लोग वॉल्यूम बहुत बढ़ा लेते हैं। ऊंची आवाज में रोज 72 मिनट तक लगातार म्यूजिक सुना जाए तो श्रवण शक्ति कमजोर पड़ सकती है।
Denne historien er fra February 2023-utgaven av Sadhana Path.
Start din 7-dagers gratis prøveperiode på Magzter GOLD for å få tilgang til tusenvis av utvalgte premiumhistorier og 9000+ magasiner og aviser.
Allerede abonnent ? Logg på
Denne historien er fra February 2023-utgaven av Sadhana Path.
Start din 7-dagers gratis prøveperiode på Magzter GOLD for å få tilgang til tusenvis av utvalgte premiumhistorier og 9000+ magasiner og aviser.
Allerede abonnent? Logg på

क्यों पड़ती हैं चेहरे पर झुर्रियां
स्वस्थ त्वचा ही किसी भी महिला के लिए सर्वोत्तम मेकअप होती हैं, मगर झुर्रियां चेहरे से उसकी यह रौनक छीन लेती हैं। क्या हैं झुर्रियां होने के कारण और क्या हैं इनके निवारण, जानिए इस लेख के द्वारा।

त्वचा के लिए जरूरी हैं ये विटामिन और मिनरल्स
त्वचा के भीतरी पोषण के लिए ज़रूरी है कि इसे पोषणयुक्त दुलार दिया जाए। त्वचा किस प्रकार की है, इस आधार पर ही किसी के शरीर की कार्यशीलता का पता लगाया जा सकता है। तो आइए, इसी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों के बारे में जानते हैं

गर्भपात के बाद की कमज़ोरी से ऐसे निपटें!
किसी महिला का गर्भपात होना शारीरिक और मानसिक, दोनों स्तर पर बेहद मुश्किल होता है, इसलिए जानिए कि किसी महिला को इसके बाद अपना विशेष ध्यान कैसे रखना चाहिए।

आर्य संस्कृति के प्रतीक-शिव
देवों के देव महादेव भगवान शिव को संहार का देवता माना जाता है। भगवान शिव सौम्य आकृति एवं रौद्ररूप दोनों के लिए विख्यात हैं।

पाचन तंत्र को ठीक करने के 21 उपाय
अच्छा पाचनतंत्र बेहतर स्वास्थ्य की निशानी है। अगर आपका पाचनतंत्र ठीक नहीं है तो जरूरी है कि इन बातों का ध्यान रखें

राशि अनुसार करें रंगों का चयन
रंगों का महत्त्व केवल होली तक ही सीमित नहीं, बल्कि मनुष्य के स्वभाव, उसके भविष्य एवं उसके स्वास्थ्य से भी इसका सीधा संबंध होता है।

होली एक रंग अनेक
रंगों का पर्व होली पूरे भारत में हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया जाता है। भारत के हर क्षेत्र में होली के विविध रूप रंग, प्रथा, मेले आदि देखने को मिलते हैं। आइए लेख के माध्यम से इस पर्व पर विस्तार पूर्वक चर्चा करें।

धरती का बैकुंठ है पुरी का जगन्नाथ धाम
चार धामों में एक प्रमुख धाम, ओडिशा का जगन्नाथ धाम है। जगन्नाथ धाम की रथ यात्रा विश्व प्रसिद्ध है जिसमें शामिल होने के लिए भक्तगण देश के कोने-कोने से पहुंचते हैं। आइए जगन्नाथ धाम की महिमा पर लेख में विस्तार से चर्चा करें।

ऊर्जा का रूपांतरण
जिसे तुम 'जीवन' कहते हो या जिसे तुम ‘मैं” कहते हो, वह ऊर्जा है। तुम जितने जीवंत हो, तुम जितने जागृत हो, उतने ही तुम ऊर्जावान होते हो।

क्यों की जाती है चार धाम यात्रा?
3 अप्रैल से उत्तराखंड में चार धाम यात्रा शुरू होने जा रही है, जिसके पंजीकरण की प्रक्रिया 1 मार्च से शुरू हो चुकी है।