घर में खोलें हुनर का अकाउंट
Rupayan|June 21, 2024
आपके पास हुनर है। आप कुछ बना सकती हैं। कई बार आपने सोचा भी कि अपने हुनर को एक बाजार दें, लेकिन आपने शुरू नहीं किया। अब देर न करें। कई लोग अपने घर से ही काम करते हुए बहुत आगे निकल हैं। आप भी अपने हुनर से ढेर सारे रुपये कमा सकती हैं।
अंशु सिंह
घर में खोलें हुनर का अकाउंट

दियों से हमारे समाज में एक लिंग भेद रहा है। जब एक पुरुष अपने घर में बिजनेस करने की इच्छा जाहिर करता है तो उससे सवाल नहीं किए जाते, बस बोला जाता है कि 'तुम कर लोगे न?' इससे उसका आत्मविश्वास खुद-ब-खुद बढ़ जाता है। दूसरी ओर, लड़कियों को साफ कह दिया जाता है कि 'तुम नहीं कर पाओगी।' उनके मन में छोटी-सी उम्र में ही इतनी सारी शंकाएं भर दी जाती हैं कि उन्हें खुद की काबिलियत पर शक होने लगता है। हां, यह सच है कि बिजनेस में अनेक प्रकार के दांव-पेंच होते हैं, कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और अगर कारोबारी पृष्ठभूमि न हो तो चुनौतियां कई गुना अधिक बड़ी लगती हैं। जयपुर की दिशि सोमानी के पिता भी नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी बिजनेस करे, क्योंकि इसमें बहुत जोखिम होते हैं, लेकिन दिशि खुद को एक मौका देना चाहती थीं। उनके दिमाग में ज्वेलरी डिजाइनिंग का आइडिया आया और महज पांच हजार रुपये की पूंजी से उन्होंने ऑनलाइन व्यवसाय शुरू कर दिया। उद्यमिता में आने के अपने निर्णय के बारे में दिशि बताती हैं, "परिवार में कोई भी ज्वेलरी बिजनेस में नहीं था। न ही किसी को इस उद्योग की जानकारी थी। मैंने अकेले अपने दम पर शून्य से शुरुआत की। मां ने एस्थेटिक डिजाइन में मदद की तो पिता ने गाइड की भूमिका निभाई। इसके अलावा मेरे कुछ दोस्त थे, जिन्होंने बिना कोई फीस लिए एक प्रारंभिक वेबसाइट तैयार करने में मदद की। इसके बाद मैंने कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराया और लोकप्रिय ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस के साथ टाइअप किया। इसके बाद ऑर्डर आने लगे। इस बीच छोटी-छोटी चुनौतियां रहीं, जैसे कि स्टाफ और कारीगरों के साथ काम करते हुए उत्पाद की गुणवत्ता को निरंतर बनाए रखना, लेकिन यह शायद सभी स्टार्टअप उद्यमियों के साथ होता है। इस काम में हमें संयम रखना होता है और हमारी कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता एक दिन सफलता में जरूर बदल जाती है।"

■ निवेशक भी आ रहे आगे

This story is from the June 21, 2024 edition of Rupayan.

Start your 7-day Magzter GOLD free trial to access thousands of curated premium stories, and 9,000+ magazines and newspapers.

This story is from the June 21, 2024 edition of Rupayan.

Start your 7-day Magzter GOLD free trial to access thousands of curated premium stories, and 9,000+ magazines and newspapers.

MORE STORIES FROM RUPAYANView All
शाप भी देते हैं पितर
Rupayan

शाप भी देते हैं पितर

धर्मशास्त्रों ने श्राद्ध न करने से जिस भीषण कष्ट का वर्णन किया है, वह अत्यंत मार्मिक है। इसीलिए शास्त्रों में पितृपक्ष में पूर्वजों का श्राद्ध करने को कहा गया है।

time-read
2 mins  |
September 13, 2024
हर तिथि का अलग श्राद्धफल
Rupayan

हर तिथि का अलग श्राद्धफल

पितृपक्ष में पितरों के निमित्त तिथियों का ध्यान रखना भी जरूरी है। शास्त्रों के अनुसार, तिथि अनुसार किए गए श्राद्ध का फल भी अलग-अलग होता है।

time-read
2 mins  |
September 13, 2024
पितृदोष में पीपल की परिक्रमा
Rupayan

पितृदोष में पीपल की परिक्रमा

शास्त्रों के अनुसार, पितृपक्ष में पितृदोष दूर करने के उपाय जरूर करने चाहिए, ताकि पितर प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दें।

time-read
2 mins  |
September 13, 2024
पिंडदान के अलग-अलग विधान
Rupayan

पिंडदान के अलग-अलग विधान

व्यक्ति का अंत समय कैसा रहा, इस आधार पर उसकी श्राद्ध विधि भी विशेष हो जाती है। अलग-अलग मृत्यु स्थितियों के लिए अलग-अलग तरह से पिंडदान का विधान है।

time-read
2 mins  |
September 13, 2024
पितृपक्ष में दान
Rupayan

पितृपक्ष में दान

भारतीय संस्कृति में दान की महत्ता अपरंपार है। लेकिन पितृ पक्ष के दौरान दान का विशेष महत्व है। कुछ वस्तुओं के दान को तो महादान माना गया है।

time-read
2 mins  |
September 13, 2024
जैसी श्रद्धा, वैसा भोज
Rupayan

जैसी श्रद्धा, वैसा भोज

पितृपक्ष में ब्राह्मण भोज जरूरी है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति अत्यंत गरीब है तो वह जल में काले तिल डालकर ही पूर्वजों का तर्पण कर सकता है।

time-read
2 mins  |
September 13, 2024
स्त्रियों को भी है अधिकार
Rupayan

स्त्रियों को भी है अधिकार

यदि परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं है तो ऐसी स्थिति में स्त्री भी संकल्प लेकर श्राद्ध कर सकती है। शास्त्रों ने इसके लिए कुछ नियम बताए हैं।

time-read
2 mins  |
September 13, 2024
निस्संतान के श्राद्ध की विधि
Rupayan

निस्संतान के श्राद्ध की विधि

शास्त्रों के अनुसार, पुत्र ही पिता का श्राद्ध कर्म करता है। ऐसे में जो लोग निस्संतान थे, उन्हें तृप्ति कैसे मिलेगी ? शास्त्रों ने उनके लिए भी कुछ विधान बताए हैं।

time-read
2 mins  |
September 13, 2024
पंडित न हों तो कैसे करें पिंडदान
Rupayan

पंडित न हों तो कैसे करें पिंडदान

पिंडदान के लिए यदि कोई पंडित उपलब्ध नहीं हो पा रहा है तो ऐसे में शास्त्रों ने इसका भी मार्ग बताया है, जिससे आप श्राद्ध कर्म संपन्न कर सकते हैं।

time-read
1 min  |
September 13, 2024
किस दिशा से पितरों का आगमन
Rupayan

किस दिशा से पितरों का आगमन

पितरों के तर्पण में कुछ वास्तु नियम भी बहुत महत्वपूर्ण हैं, जिनके पालन से तर्पण का अधिकतम लाभ होता है और पितरों की आत्मा को शांति मिलती है।

time-read
2 mins  |
September 13, 2024