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व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी की नौलेज का नमूना कंगना रनौत

Mukta|September 2024
कंगना रनौत सोशल मीडिया पर ऐक्टिव रहती हैं लेकिन वे भूल जाती हैं कि अब वे ट्रोलर नहीं बल्कि माननीय सांसद बन चुकी हैं.
- रोहित
व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी की नौलेज का नमूना कंगना रनौत

फिल्म अदाकारा कंगना रानौत, 'बदनाम होंगे तो क्या नाम न होगा' कहावत की तर्ज पर कंट्रोवर्सी का सहारा ले कर सोशल मीडिया की चर्चाओं में छाई रहती हैं. राजनीति में एंट्री लेने और हिमाचल के मंडी से सांसद बनने का मौका भी उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल होने पर मिला था. अब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर बनी फिल्म 'इमरजैंसी' के प्रचार के दौरान उन के सामाजिक और राजनीतिक बयान विवादों में घिर गए हैं जो उन्होंने न्यूज चैनलों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के पोडकास्ट पर जाजा कर दिए हैं.

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "सभी ने देखा जहां प्रदर्शन हुआ वहां क्या हुआ, प्रदर्शन के नाम पर हिंसा फैलाई गई. जहां किसान आंदोलन हुए, वहां रेप हुए, लोगों को मार कर लटकाया जा रहा था. पूरा देश चौंक गया. वे किसान आज भी वहां हैं, लौटे नहीं. उन्होंने वापस जाने का कभी सोचा ही नहीं. वे लंबी प्लानिंग से आए जैसी बंगलादेश में हुई."

इसी इंटरव्यू में वे आगे कहती हैं, "अमेरिका, चीन जैसी विदेशी ताकतें देश के खिलाफ काम कर रही हैं. फिल्मी लोगों को लगता है कि देश भाड़ में जाए, हमारी दुकान चलती रहेगी. ऐसा नहीं है, देश भाड़ में जाएगा तो आप भी साथ भाड़ में जाएंगे."

This story is from the September 2024 edition of Mukta.

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