एक समाचार की सुर्खियां हैं: ‘शिक्षकों: एआई आपकी नौकरियां ले लेगा!’ एक अन्य सुर्खी सवाल करती है, ‘क्या एआई विश्वविद्यालयों में निरर्थक नौकरियों को खत्म कर देगा?’ तीसरी सुर्खी कहती है, ‘छात्रों ने विश्वविद्यालय की परीक्षा में एआई की मदद से धोखाधड़ी की’ इन दिनों रोज ऐसी खबरें हमें देखने को मिलती हैं। ये खबरें न केवल ऑनलाइन समाचार पत्रों में देखने को मिलीं बल्कि दुनिया के कुछ अत्यंत प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के जर्नल्स में भी नजर आईं। स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस यानी एआई को लेकर जो कुछ कहा जा रहा है उसे किस तरह समझा जाए?
अगर कुछ देर के लिए इन बातों पर विचार किया जाए तो दरअसल कहा यह जा रहा है कि शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहे हैं और एक व्यक्ति के रूप में मेरी चिंता जो दरअसल इस मध्यवर्गीय मान्यता पर आधारित है कि अच्छी शिक्षा व्यवस्था प्रगति और आर्थिक तरक्की का सबसे अहम वाहक है, अगर ऐसा है: क्या एक देश के रूप में हम अपने स्कूलों, कॉलेजों, भारतीय प्रबंधन संस्थानों, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों और चिकित्सा महाविद्यालयों आदि में एआई का सही तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं?
अभी तक यह माना जा रहा था कि हाल के दिनों के अन्य तकनीकी नवाचारों मसलन कंप्यूटर और इंटरनेट की तरह एआई भी मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में उपयोगी और सहायक भूमिका निभाएगा। परंतु अब हमारे सामने स्थिति यह है कि शायद एआई की वजह से सीखने और सिखाने की हमारी जांची-परखी तकनीक, स्कूल और कॉलेज तथा विश्वविद्यालयों जैसे संस्थान और परीक्षा आदि की व्यवस्था में बुनियादी बदलाव लाना पड़ सकता है।
This story is from the December 04, 2024 edition of Business Standard - Hindi.
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रेलवे में हर तरफ हो रहा आमूलचूल बदलाव: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वह समय दूर नहीं जब देश में पहली बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी। मोदी ने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण, ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं, देश के सभी हिस्सों में संपर्क को बढ़ावा और रोजगार व उद्योग को समर्थन देना आदि रेल क्षेत्र में विकास के चार मानकों पर काम कर रही है।
दिल्ली में महिलाओं को 2500 रुपये देगी कांग्रेस
कांग्रेस ने दिल्ली विधान सभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को \"प्यारी दीदी योजना\" की घोषणा की, जिसके तहत उसने सत्ता में आने पर राष्ट्रीय राजधानी की महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया है।
असैन्य परमाणु करार पर काम जारी
अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सलिवन से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर
बिहार : परीक्षाओं में पारदर्शिता सवालों के घेरे में
बिहार की राजधानी पटना के बापू परीक्षा परिसर में 13 दिसंबर को शुभम कुमार (नाम परिवर्तित) बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (सीसीई) दे रहे थे।
वर्ष 2025 के लिए तीन तमन्नाएँ
उद्योग जगत को तकनीक और अंतरराष्ट्रीय बिक्री में निवेश करना चाहिए। आर्थिक नीति को ढांचागत बदलावों और उत्पादकता पर ध्यान देना चाहिए तथा विचारों की राजनीति होनी चाहिए। बता रहे हैं नौशाद फोर्ब्स
हिचकोले खाती भारत की आर्थिक वृद्धि की गाड़ी
नवंबर के शुरू में मैंने अपने एक आलेख में जिक्र किया था कि भारतीय अर्थव्यवस्था अनुमान के मुताबिक ही बिना उत्साह आगे बढ़ रही है।
स्थिर यील्ड का बैंकों के लाभ पर पड़ेगा असर
चालू वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के दौरान बैंकों की ट्रेजरी आय कम रहने की संभावना है, क्योंकि तिमाही के अंत में बेंचमार्क यील्ड में कुछ खास बदलाव नहीं हुआ है।
रोजगार, वृद्धि और मांग पर खास ध्यान
वित्त मंत्रालय ने सोमवार को विभिन्न हिस्सेदारों के साथ नवें दौर की बजट पूर्व चर्चा पूरी कर ली है। मंत्रालय को खपत बढ़ाने, रोजगार बढ़ाने, व्यक्तिगत से लेकर एमएसएमई तक को कर छूट और कई तरह के सुधार के सुझाव मिले हैं।
बैंकों से बुनियादी ढांचे को मिले ज्यादा धन
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने बैंकों और गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) को सुझाव दिया है कि वे बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को धन मुहैया करने में अपनी भागीदारी बढ़ाएं। मंत्रालय के अनुसार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए यह महत्त्वपूर्ण है।
लार्जकैप का कटऑफ बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये के पार
पिछले छह महीने में सबसे ज्यादा औसत बाजार पूंजीकरण वाली 100 अग्रणी कंपनियों को लार्जकैप के तौर पर वर्गीकृत किया जाता है