![अनवरत प्रेम का नाम है भक्ति अनवरत प्रेम का नाम है भक्ति](https://cdn.magzter.com/Sadhana Path/1693653155/articles/ppwFtGiKM1695386892018/1695387049274.jpg)
इसलिए वैदिक साहित्य में भक्ति को आवश्यक बताया है। जिस मानव के अंदर भक्ति नहीं है वो पत्थर के समान है निष्प्राण है उसका जीवन एक पशु के समान व्यतीत होता है वो जीवन के आनन्द से वंचित रह जाता है। भक्ति हीन जीवन नीरस ही नहीं वरन वासनामय होता है जिससे मात्र अशांति ही प्राप्त होती है और अन्त में दुर्गति होती है।
भक्ति के दो स्तम्भ हैं
इनके अभाव में भक्ति संभव नहीं है और भक्ति का विकास हो नहीं सकता। श्रद्धा अर्थात ईश्वर के प्रति पूर्ण निष्ठा। और विश्वास माने-किसी को मन से, ढंग से, लगन से चाहना, उसे मानना और उसके प्रति अपना संपूर्ण समर्पण। जब किसी को अपना मान लिया जाता है तो फिर उसके प्रति निष्ठा का भाव आ जाता है। उसे कुछ देने की इच्छा होती है यह भाव दोनों तरफ से होता है यदि एक तरफ से है तो स्वार्थ है। जब पति-पत्नी एक दूसरे का वरण करते हैं तो उनमें प्रेम भाव समर्पण के कारण होता है एक पत्नी अपना सब कुछ पति के हवाले कर देती है इसके बदले में पति भी उसकी पात्रता के अनुसार उसे अपना सब कुछ दे देता है। जहां पर विश्वास नहीं होता है वहां भी परिवारों में कलह, क्लेश, अशांति, अविश्वास होता है वहां का जीवन नरक के समान होता है।
Bu hikaye Sadhana Path dergisinin September 2023 sayısından alınmıştır.
Start your 7-day Magzter GOLD free trial to access thousands of curated premium stories, and 9,000+ magazines and newspapers.
Already a subscriber ? Giriş Yap
Bu hikaye Sadhana Path dergisinin September 2023 sayısından alınmıştır.
Start your 7-day Magzter GOLD free trial to access thousands of curated premium stories, and 9,000+ magazines and newspapers.
Already a subscriber? Giriş Yap
![देश-विदेश में बसंत पंचमी के विभिन्न रंग देश-विदेश में बसंत पंचमी के विभिन्न रंग](https://reseuro.magzter.com/100x125/articles/176/1987985/gV-FyTk9x1739190779440/1739190952868.jpg)
देश-विदेश में बसंत पंचमी के विभिन्न रंग
विविधता में एकता वाले हमारे इस देश में कई पर्व-त्योहार मनाए जाते हैं। हालांकि यहां विभिन्न क्षेत्रों में त्योहार मनाने के ढंग अलग होते हैं, पर सभी त्योहारों के पीछे उद्देश्य एक ही होता है अपने आराध्य देवी-देवता की पूजा-आराधना कर उन्हें प्रसन्न करना तथा हर्षोल्लास से एक साथ मिलकर अपनी खुशियों को बढ़ाना।
![बसंतोत्सव का महत्त्व बसंतोत्सव का महत्त्व](https://reseuro.magzter.com/100x125/articles/176/1987985/7pBn6ogGq1739190352290/1739190631507.jpg)
बसंतोत्सव का महत्त्व
बसंत ऋतु एक ऐसी ऋतु है जो अपने साथ प्राकृतिक सौंदर्य हीं नहीं लाती बल्कि मनुष्य के मन में उमंग और हर्षोल्लास भी लाती है। ऋतुओं के राजा बसंत के साथ और क्या-क्या जुड़ा है ? जानिए इस लेख से।
![आदर्श प्रेम के प्रतीक देवी-देवता आदर्श प्रेम के प्रतीक देवी-देवता](https://reseuro.magzter.com/100x125/articles/176/1987985/a7fg6DpO91739190966096/1739191179742.jpg)
आदर्श प्रेम के प्रतीक देवी-देवता
यूं तो हर इंसान का प्रेम अपने आप में सम्पूर्ण व अनुकरणीय होता है परन्तु कुछ लोगों का प्रेम इतिहास के पन्नों पर सदा के लिए स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो जाता है। आइये नमन करें कुछ ऐसे ही प्रेम के प्रतीकों को।
![आपकी गृहस्थी में सेंध लगा सकती है ऐसी अपेक्षायें? आपकी गृहस्थी में सेंध लगा सकती है ऐसी अपेक्षायें?](https://reseuro.magzter.com/100x125/articles/176/1987985/P3QI5qf8y1739189637697/1739189819833.jpg)
आपकी गृहस्थी में सेंध लगा सकती है ऐसी अपेक्षायें?
अपने पारिवारिक जीवन की चर्चा या कोई उलझन कभी किसी पुरुष सहयोगी के सामने बयां न करें अन्यथा वह सहानुभूति दर्शाकर सहयोग देने की पेशकश करेगा और अंततः आपके दुख, जो दुख न होकर सिर्फ क्षणिक क्रोध था, को हवा देगा।
![इन 5 घरेलू चीज़ों से सफर में होगा सेहत का साथ इन 5 घरेलू चीज़ों से सफर में होगा सेहत का साथ](https://reseuro.magzter.com/100x125/articles/176/1987985/Q-y88iwqE1739187878474/1739187993996.jpg)
इन 5 घरेलू चीज़ों से सफर में होगा सेहत का साथ
कई लोगों को घूमने का शौक तो होता है, पर वह सफर में होने वाली मोशन, सिकनेस के डर से कहीं बाहर नहीं निकल पाते। ऐसे में परेशान होने की ज़रूरत नहीं, क्योंकि आपके किचन में ही इनके समाधान मौजूद है।
![बसंत पंचमी से जुड़ी कथाएं और घटनाएं बसंत पंचमी से जुड़ी कथाएं और घटनाएं](https://reseuro.magzter.com/100x125/articles/176/1987985/x4P5clb0t1739189900000/1739190116329.jpg)
बसंत पंचमी से जुड़ी कथाएं और घटनाएं
विद्या की देवी सरस्वती की पूजा का पर्व बसंत पंचमी पवित्र हिन्दू त्योहार है। एक इस दिन विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है।
![महिलाओं में कैंसर के सामान्य प्रकार महिलाओं में कैंसर के सामान्य प्रकार](https://reseuro.magzter.com/100x125/articles/176/1987985/2n2giPHWM1739189432533/1739189598497.jpg)
महिलाओं में कैंसर के सामान्य प्रकार
अभी तक ज्यादातर मामलों में कैंसर को आनुवंशिक माना गया था | नए अनुसंधानों में पता चला है कि कैंसर के कारण काफी हद तक अस्वस्थ जीवनशैली और असंतुलित आहार में होते हैं।
![सेहत के लिए फायदेमंद है अखरोट सेहत के लिए फायदेमंद है अखरोट](https://reseuro.magzter.com/100x125/articles/176/1987985/47N-3kTtx1739187481403/1739187663561.jpg)
सेहत के लिए फायदेमंद है अखरोट
अखरोट खाने में जितना स्वादिष्ट होता है, उतना ही स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद भी होता है। आखिर अखरोट खाने के क्या हैं फ़ायदे, यह किस तरह से और किस समय खाना चाहिए, आइए जानें-
![इन स्वास्थ्यवर्धक टिप्स से बनाएं सफर सुहाना इन स्वास्थ्यवर्धक टिप्स से बनाएं सफर सुहाना](https://reseuro.magzter.com/100x125/articles/176/1987985/GwxJw7Orj1739188257129/1739188495770.jpg)
इन स्वास्थ्यवर्धक टिप्स से बनाएं सफर सुहाना
सफर के दौरान खानपान का ध्यान रखना बेहद जरूरी है क्योंकि सफर का लुत्फ तभी लिया जा सकता है जब आपका स्वास्थ्य अच्छा हो।
![नूतन उत्साह का प्रतीक बसंत पंचमी नूतन उत्साह का प्रतीक बसंत पंचमी](https://reseuro.magzter.com/100x125/articles/176/1987985/-0nOoUj1E1739190651994/1739190760632.jpg)
नूतन उत्साह का प्रतीक बसंत पंचमी
प्रकृति में बसंत के आगमन की टोह मन में एक नए उल्लास, आशा एवं अचानक ही लगता है कि मन प्रसन्न एवं प्रफुल्लित हो उठा है। परिवर्तन में भावों की पावन धाराएं बहने लगी हैं और हमारे तन, मन और व्यवहार में सुंदर एवं सुमधुर अभिव्यक्तियां झलकने लगती हैं। कहते हैं, प्रकृति जब मुस्कुराने लगती है, तब उसके अंतर्गत आने वाले सभी जड़-जीव एवं मनुष्यों में मुस्कुराहट फैल जाती है।