तर्पण के आसान नियम
Rupayan|September 13, 2024
अपने पितरों की संतुष्टि, प्रसन्नता और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए जरूरी है कि श्राद्ध क्रिया के सही विधि-विधान को जान लें।
पं. ज्ञानदेव आचार्य
तर्पण के आसान नियम

शास्त्रों में कहा गया है कि पितृपक्ष में अपने पितरों के निमित्त जो अपनी सामर्थ्य के अनुरूप शास्त्र विधि से श्रद्धापूर्वक श्राद्ध करता है, उसके सकल मनोरथ सिद्ध होते हैं और घर परिवार, व्यवसाय तथा आजीविका में उन्नति होती है। साथ ही कार्य, व्यापार, शिक्षा अथवा वंश वृद्धि में आ रही रुकावटें भी दूर होती हैं। इसीलिए पितरों को प्रसन्न करने के लिए किए जाने वाले श्राद्ध को शास्त्रों में पितृयज्ञ कहा गया है। पितरों के निमित्त किए जाने वाले श्राद्ध को लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं, जिनका पालन किया जाना जरूरी है, तभी पितरों का आशीर्वाद फलीभूत होता है।

श्राद्ध विधि जान लें

Diese Geschichte stammt aus der September 13, 2024-Ausgabe von Rupayan.

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