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हुई किडनी की भयंकर बीमारी लेकिन गुरुकृपा रही प्रारब्ध पर भारी

Rishi Prasad Hindi

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February 2023

मुझे बी.पी. व कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होने की शिकायत रहती थी । १९९९ की बात है । पूज्य बापूजी रजोकरी आश्रम में पधारे थे। मैं वहाँ गया तो बोले : "सुन, तू खान-पान में लापरवाही करता है । तेरे गुर्दों की दशा ठीक नहीं है। तू पुनर्नवा (साटोड़ी) का सेवन शुरू कर दे तो गम्भीर स्थितियों में भी बच निकलेगा।"

हुई किडनी की भयंकर बीमारी लेकिन गुरुकृपा रही प्रारब्ध पर भारी

मैंने कहा : ‘"गुरुदेव ! मैं तो हर ६ महीने में चेकअप कराता हूँ, गुर्दों की कोई खराबी कभी रिपोर्ट में नहीं आयी।" 

"अरे, स्थूल परिवर्तन होने पर ही टेस्टों, मशीनों आदि से बीमारी का पता चल पाता है पर योगियों, महापुरुषों की सूक्ष्म दृष्टि सूक्ष्म-सेसूक्ष्म और भावी चीजों को भी भाँप लेती है। समझता है ? तू स्वास्थ्य पर ध्यान देना।”

"जी, ठीक है।"

मैंने आज्ञानुसार पुनर्नवा - सेवन शुरू किया और व्यवसाय व सेवा-साधना में रत रहने लगा।

२००१ की जाँच में पता चला कि मेरा क्रिएटिनिन (creatinine) २.३ हो गया है और गुर्दे सिकुड़ गये हैं। बार-बार बुखार आता था, जिसमें सर्दी भी लगती थी। काफी इलाज कराने पर, महँगी-महँगी अंग्रेजी दवाइयाँ लेने पर भी बुखार पूर्णरूप से ठीक नहीं हो रहा था। इस पर गुरुदेव ने मुझे एक प्रयोग बताया और मंत्र भी दिया। उस प्रयोग से बुखार पूरी तरह ठीक हो गया।

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