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मुझे बहुत दुःख है कि बापूजी जैसे के उच्च कोटि के महापुरुष अब भी जेल में हैं
Rishi Prasad Hindi
|January 2024
पद्मश्री विभूषित १२७ वर्षीय योगगुरु पधारे मोटेरा आश्रम, कहा:
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भेंट वार्ता
अखंड भारत के बंगाल (वर्तमान में बांग्लादेश) में जन्मे पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित १२७ वर्षीय बाल ब्रह्मचारी स्वामी शिवानंदजी १५ दिसम्बर को मोटेरा-अहमदाबाद स्थित संत श्री आशारामजी आश्रम में पधारे। यहाँ सबसे पहले उन्होंने पूज्य बापूजी द्वारा शक्तिपात किये हुए बड़ बादशाह की परिक्रमा की, पूज्य बापूजी की तपःस्थली मोक्षकुटीर के दर्शन किये फिर पूज्यश्री के व्यासपीठ की आरती उतारी और दंडवत् प्रणाम किया।
व्यासपीठ में व्याप्त बापूजी के दिव्य आभामंडल से स्वामी शिवानंदजी अभिभूत हो गये। व्यासपीठ का सम्मान करते हुए वहाँ पर कुर्सी या गद्दी पर न बैठकर उन्होंने नीचे बिछी हुई चादर पर बैठना पसंद किया।
Denne historien er fra January 2024-utgaven av Rishi Prasad Hindi.
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