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Modern Kheti - Hindi

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पादप कार्यिकी में सूक्ष्म पोषक तत्वों की आवश्यकता, कमी के लक्षण एवं निवारण

पौधों और मृदा में सूक्ष्म पोषक तत्व की मात्रा बहुत ही कम होती है, लेकिन इनका महत्व पौधे के विकास के लिए मुख्य पोषक तत्वों से कम नहीं होता है। यदि मृदा में को सूक्ष्म पोषक तत्व न मिले तो वह फसल बड़ी मात्रा में दिये जाने वाले नाइट्रोजन, फास्फोरस व पोटाश का पूरा सदोपयोग नहीं कर सकते हैं।

5 min  |

15th August 2023
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FPO निर्माण एवं प्रबंध

किसान उत्पादक संगठन एक ऐसा उत्पादक संगठन है जिसके सदस्य सिर्फ किसान ही हो सकते हैं। कृषि एवं सहायक व्यवसायों से जुड़े व्यक्ति प्राथमिक उत्पादक माने जाते हैं। कृषि, बागवानी, पशुपालन, मक्खी पालन, मछली पालन इत्यादि व्यवसायों से जुड़े व्यक्ति उचित उत्पादक संगठन के सदस्य बन सकते हैं। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) एवं स्मॉल फार्मर्ज एग्रीबिजनस कनसौरटियम (SFAC) के अलावा कई कृषि क्षेत्र से जुड़े अदारे किसान उत्पादक संगठनों को प्रोत्साहन दे रहे हैं।

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15th August 2023
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बाजरा की फसल में कीटों की रोकथाम करके ले भरपूर पैदावार

बाजरा, जिसे पर्ल मिलेट भी कहा जाता है, हरियाणा राज्य की खरीफ मौसम में बोई जाने वाली मुख्य फसल है जो कि राज्य के बारानी क्षेत्र विशेषकर, हिसार, रोहतक, झज्जर, जींद, महेन्द्रगढ़, भिवानी व गुडगांव में बोई जाती है।

3 min  |

1st August 2023
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नींबू वर्गीय फसलों के रोग एवं उनकी रोकथाम

नींबू वर्गीय फल उष्ण उपोष्णकटिबंधीय देशों की महत्वपूर्ण फल फसल है। ये फल विटामिन सी, शर्करा, अमीनों अम्ल एवं अन्य पोषक तत्वों के सर्वोत्तम श्रोत होते हैं।

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1st August 2023
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बेलगिरी फल-तथ्य व जानकारी

व बेलगिरी को बंगाली क्विंस/गोल्डन एप्पल/स्टोन एप्पल/वुड एप्पल के नाम से भी जाना जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम एजिल मारमिलोस है।

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1st August 2023
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शहद की मक्खियों पर ग्लोबल वार्मिंग का प्रभाव

मधुमक्खी के लार्वा के बेहतर जीवित रहने और प्रभावी परागण के लिए श्रमिकों की पर्याप्त आबादी में परिपक्व होने के लिए गर्म तापमान आवश्यक है। समशीतोष्ण देशों में, जलवायु परिवर्तन के कारण शुरुआती बसंत में ठंडे झटके आते हैं जो कई विकासशील श्रमिक मधुमक्खियों को मारते हैं और उनकी आबादी के निर्माण में देरी का कारण बनते हैं।

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1st August 2023
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महिला सशक्तिकरण से सुधरेगी फसली व्यवस्था

महिलाओं के अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण कामयाबी के मुद्दों का समर्थन करने, एक स्वस्थ ग्रह से स्वस्थ आहार के प्रावधान के लिए कृषि उत्पादन और खाद्य प्रणाली के लचीलेपन के संदर्भ में महिला सशक्तिकरण पर विचार करने के प्रयासों को प्रोत्साहित करने की उम्मीद करते हैं।

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1st August 2023
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फसलों पर जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम कैसे किया जाए?

एक अध्ययन के मुताबिक, दुनिया भर के कई इलाकों में फसल पैदावार के कम होने के खतरों को कम करके आंका गया है। अध्ययन में चेतावनी देते हुए कहा गया है कि, जलवायु परिवर्तन हमारे खाद्य प्रणालियों पर भारी प्रभाव डाल रहा है।

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1st August 2023
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ज्वार जलवायु चुनौतियों पर नियंत्रण करने के लिए गेहूं का विकल्प...

बढ़ती जलवायु चुनौतियों के सामने एक नए अध्ययन ने ज्वार को भारत में गेहूं के लचीले विकल्प के रूप में उजागर किया है। देश के दूसरे सबसे बड़े गेहूं उत्पादक के रूप में, भारत ने 2000 के दशक की शुरुआत से गेहूं उत्पादन में 40% की आश्चर्यजनक वृद्धि देखी है। हालाँकि, जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान ने गेहूं की गर्मी के प्रति संवेदनशीलता के बारे में चिंताएँ बढ़ा दी हैं, जिसके परिणामस्वरूप पानी की आवश्यकताएँ बढ़ गई हैं और पानी का पदचिह्न भी बढ़ गया है।

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1st August 2023
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शूगर रोग पर नियंत्रण करेंगे चावल

वैज्ञानिकों ने पाया है कि भारत के सुदूर पूर्वोत्तर में उगाई जाने वाली सुगंधित चावल की किस्म, जिसे जोहा चावल के नाम से जाना जाता है, न केवल टाइप 2 मधुमेह को रोकती है, बल्कि अनसैचुरेटेड या असंतृप्त फैटी एसिड से भी भरपूर होती है, जो हृदय रोग के खिलाफ काम करती है।

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1st August 2023
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कीटनाशकों का अधिक प्रयोग कर रहा है पानी के स्रोतों को दूषित

दुनिया भर में हर साल खेतों में करीब 30 लाख टन कीटनाशकों का उपयोग किया जाता है। इसमें से करीब 70,000 टन कीटनाशक जमीन के अंदर रिसकर भूजल में मिल रहा है जो जमीन के अंदर मौजूद पानी को भी जहरीला बना रहा है।

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1st August 2023
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सरकार ने उत्तरी राज्यों के लिए फसल अवशेष प्रबंधन दिशा-निर्देशों में किया संशोधन

केंद्र ने कहा कि उसने पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के लिए फसल अवशेष प्रबंधन दिशा-निर्देशों को संशोधित किया है, ताकि इन राज्यों में पराली जलाने की चुनौती से निपटने और वायु गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिल सके।

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1st August 2023
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अच्छे उत्पादन हेतु समन्वित पादप पोषक तत्व प्रबंधन

धान व गेहूं के फसल चक्र में ढेंचे की हरी खाद का प्रयोग करें। फसल चक्र में परिवर्तन करें। उपलब्धता के आधार पर गोबर तथा कूड़ा करकट का कम्पोस्ट बनाकर प्रयोग किया जाये। खेत में फसल के अवशिष्ट जैविक पदार्थों को मिट्टी में मिला दिया जाये।

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1st August 2023
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बदलते भारतीय भोजन की तरफ: मीलेट्स की वापसी

मिलेट्स में पोषक तत्वों का अधिक मात्रा मौजूद होने के कारण इन्हें 'सुपर फूड' के रूप में जाना जाता है। इनमें प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन सी, विटामिन ए और विटामिन बी के अच्छे स्तर पाए जाते हैं। मिलेट्स का खाद्य संचार और पोषण में महत्वपूर्ण योगदान होता है।

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1st August 2023
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टमाटर की उन्नत खेती

टमाटर के फलों पर जब लाल व पीले रंग की धारियां दिखने लगें, उस अवस्था में तोड़ लेना चाहिए व कमरे में रख कर पकाना चाहिए। अधपके टमाटरों को दूर स्थानों तक भेजा जा सकता है।

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1st August 2023
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जैविक खेती से गुणवत्तायुक्त उत्पादन लें

जैविक खेती मुख्यतः फसल चक्र, फसल अवशेष, पशु खाद, हरी खाद, प्रक्षेत्र खाद, कम्पोस्ट, जैव उर्वरक, केंचुए की खाद, मृदा आरक्षक फसलें, खलियां तथा कार्बनिक पदार्थों के प्रयोग पर स्थिर है तथा भूमि की उर्वरता को स्थिर रखने, वृद्धि पोषक तत्वों की पूर्ति करने तथा कीट व्याधियों एवं खरपतवारों के नियंत्रण के लिए जैव पीडक प्रणाली पर विश्वास रखती है।

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1st August 2023
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बीज से फसल तक कृषि में खोज ढंगों का योगदान

टिकाऊ कृषि की ओर जाने के अलावा, अच्छी क्वालिटी के बीजों की खोज करना भी आवश्यक है। बीज चयन खोज विधियों में शुद्धता फसल की संपूर्ण गुणवत्ता में सुधार करने में सहायता करेगी। इन खोज विधियों में विशेष गुणों वाले बीजों का ध्यान पूर्वक चयन एवं प्रजनन शामिल होता है जो फसलों की कार्यकारी, उत्पादन एवं स्थिरता को बढ़ाने में सहायता करते हैं।

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1st August 2023
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सब्जी उत्पादन हेतु आवश्यक सुझाव

जब सब्जियों की पैदावार ज्यादा हो और बाजार भाव गिर गया हो तो उनको संरक्षित करके अच्छा लाभ कमाया जा सकता है। हरी सब्जियों की डिब्बाबंदी, कैनिंग आदि करके इन्हें दूर के बाजारों में भेजा जा सकता है एवं बाजार भाव अच्छा होने पर उन्हें बेचा जा सकता है।

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15th July 2023
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जलवायु परिवर्तन: हमारी पृथ्वी को संरक्षित रखने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता

जलवायु परिवर्तन, एक चुनौतीपूर्ण वैश्विक मुद्दा, हमारे समय की परिभाषात्मक चुनौतियों में से एक के रूप में सामने आया है। पिछले कुछ दशकों में, हमारी पृथ्वी को तापमान में महत्वपूर्ण परिवर्तन, बढ़ते तापमान, अत्याधिक मौसमी घटनाएं और अन्य पर्यावरणिक विघटनाओं का सामना करना पड़ा है। यह लेख जलवायु परिवर्तन के कारण और परिणामों पर विचार करता है और इसके प्रभावों को कम करने और हमारे भविष्य की देखभाल करने के लिए तत्काल कार्रवाई की महत्वपूर्णता को उजागर करता है।

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15th July 2023
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खाद्य क्षेत्र से बढ़ते उत्सर्जन से निपटने के लिए भोजन में बदलाव जरूरी

अंतराष्ट्रीय शोधकर्ताओं द्वारा किए एक नए अध्ययन से पता चला है कि पिछले 20 वर्षों में खाद्य आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में 14 फीसदी की वृद्धि हुई है, जोकि 200 करोड़ मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड के बराबर है। रिसर्च के मुताबिक उत्सर्जन में होती इस वृद्धि के लिए मुख्य तौर पर पशु आधारित उत्पादों की बढ़ती खपत जिम्मेवार है।

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15th July 2023
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सिंचाई का जलवायु परिवर्तन पर असर

शोधकर्ताओं की एक अंतर्राष्ट्रीय टीम द्वारा किए गए एक नए अध्ययन से पता चलता है कि सिंचाई कैसे दुनिया भर में क्षेत्रीय जलवायु और पर्यावरण पर असर डालती है। अध्ययन यह भी बताता है कि सिंचाई कैसे और कहां नुकसानदायक और फायदेमंद दोनों है। अध्ययन भविष्य में पानी का स्थायी उपयोग और फसलों की उपज हासिल करने के लिए आकलन में सुधार के तरीकों की ओर भी इशारा करता है।

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15th July 2023
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आहारीय तत्वों की कमी को पूरा करने वाले डॉ. नेविन एस. सक्रिमशा

डॉ. नेविन के आहार संबंधी प्रोग्रामों के कारण स्थानीय तौर पर कम मूल्य वाले भोजन पदार्थों का विकास होना शुरु हो गया। डॉ. नेविन द्वारा विकसित किये गये भोजन पदार्थों ने कई विकसित देशों की पौष्टिक आहार की कमी को पूरा किया।

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15th July 2023
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अपना खुद का ईंधन बनाने वाला सफल किसान देवेंद्र परमार

श्री परमार का मानना है कि किसानों को अपने वित्त का प्रबंधन करने के लिए खुद का कौशल बढ़ाते रहना चाहिए। किसानों को हमेशा खेती के पुराने तरीकों को छोड़ कर कमाई के नए अवसरों और तरीकों की तलाश करनी चाहिए।

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15th July 2023
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पानी की बचत के लिए बसंत मक्का की बिजाई पर पाबंदी की आवश्यकता

यह तीसरी फसल फरवरी में बोई जाती है और जून में काटी जाती है, और यह पंजाब कृषि विश्वविद्यालय की अत्याधिक अनुशंसित सूची में है क्योंकि राज्य पहले से ही खतरनाक स्तर पर भूजल स्तर की कमी से जूझ रहा है।

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15th July 2023
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मक्की की अधिक पैदावार लेने हेतु सस्य क्रियाएं

मक्की हरियाणा राज्य के मुख्यतः अम्बाला, पंचकुला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर व करनाल जिलों की खरीफ की फसल है। किसान भाईयों को मक्की की अधिक पैदावार लेने हेतु निम्नलिखित सस्य क्रियाओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए :-

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15th July 2023
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बाजरे की खेती - जलवायु, किस्में, देखभाल और पैदावार

बाजरा की फसल मुख्यतः बारानी क्षेत्रों में ली जाती है, परन्तु फूल आते समय व दाना बनते समय नमी की कमी होना अधिक हानिप्रद है। अतः यदि सिंचाई का स्त्रोत उपलब्ध हो तो इन क्रांतिक अवस्थाओं पर सिंचाई करना लाभप्रद होता है। बाजरा जल भराव से भी प्रभावित होता है इसलिए जल निकास का समुचित प्रबंध करें।

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15th July 2023
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प्राकृतिक कृषि का आधार: नीम

नीम प्राचीनकाल से ही हमारी औषधीय एवं भैषज्य परम्परा का अभिन्न अंग रहा है। वैदिक रचनाओं में निम्बः, निम्बा, निम्बपत्राम् जैसे शब्दों का वर्णन आया है। अग्नि पुराण में कुष्ठ रोग के निदान हेतु नीम के प्रयोग का परामर्श दिया गया है। नीम को स्वास्थवर्द्धक बताया गया है। इसी कारण नीम वृक्ष को धरती का कल्प वृक्ष या देव वृक्ष भी कहा जाता है।

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15th July 2023
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कीटनाशक अवशेषों से बचाव के लिए एक वैकल्पिक दृष्टिकोण

भारत में हरित क्रांति की सफलता का एक मुख्य कारण फसल सुरक्षा के उपायों के रूप में सिंथेटिक कीटनाशकों का उपयोग था

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15th July 2023
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किसानों को उद्यमी बनने की आवश्यकता

मनुष्य की सभी समस्याओं का समाधान मनुष्य के अपने उद्यम में है। उसके दर्द में है। उसकी सोच में है। उसके अपने विश्वास में है। मनुष्य स्वार्थी भी है, परन्तु मनुष्य समूह के लिए चिंता एवं चिंतन भी करता आया है। भारत की गरीबी की समस्या का समाधान भी मनुष्य जाति ने करना है।

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15th July 2023
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खादों के अधिक प्रयोग के कारण मिट्टी के स्वास्थ्य में बिगाड़

पंजाब के किसानों के लिए एक बड़ी चिंता की बात यह है कि रासायनिक उर्वरकों के अत्याधिक उपयोग के कारण राज्य में मिट्टी की उर्वरता लगातार घट रही है

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15th July 2023