Denemek ALTIN - Özgür
बरसी गुरु की कृपा, बदली जीवन-दशा
Rishi Prasad Hindi
|November 2023
१९९४ से पूज्य बापूजी के सत्संग-सान्निध्य का लाभ पाते रहे अमेरिका निवासी प्रवीण पटेल कहते हैं :
-
वे स्वर्णिम क्षण भुलाये नहीं भूलते मैं
बारडोली (जि. सूरत) में सिंचाई विभाग में सिविल इंजीनियर के पद पर था। मैं भगवान श्रीकृष्ण को इष्ट मानता था परंतु ऑफिस की पार्टियों में सब लोग शराब, मांसाहार आदि का सेवन करते थे तो उन्हें बुरा न लगे इसलिए मैं भी करता था, न चाहते हुए भी भ्रष्टाचार आदि में भी संलग्न होता था।
१९९४ में एक दिन ऑफिस में एक अधिकारी ने मुझसे कहा : ‘‘आज संत श्री आशारामजी बापू का सत्संग है, आप चलेंगे ?’’ मैंने ‘हाँ’ भर दी। सत्संग-स्थल पर पहुँचा तो देखा कि महाराजश्री कीर्तन करवा रहे हैं, जिसमें हजारों लोग झूम रहे हैं। बड़ा ही शांत वातावरण था। मैं संतश्री को प्रणाम करके कीर्तन करने लगा। ‘हरि ॐ हरि ॐ...' की उस धुन का ऐसा प्रभाव हुआ कि मुझे आनंद - आनंद आने लगा। थोड़ी देर बाद बापूजी बोले : ‘‘सभी मन-ही-मन अंतर्यामी गुरु को स्नेह करते जाओ, हृदय को धन्यवाद से भरते जाओ।" मुझे हुआ कि 'मेरे तो कोई गुरु ही नहीं हैं, मैं किनको स्नेह करूँ?'
Bu hikaye Rishi Prasad Hindi dergisinin November 2023 baskısından alınmıştır.
Binlerce özenle seçilmiş premium hikayeye ve 9.000'den fazla dergi ve gazeteye erişmek için Magzter GOLD'a abone olun.
Zaten abone misiniz? Oturum aç
Rishi Prasad Hindi'den DAHA FAZLA HİKAYE
Rishi Prasad Hindi
सांस्कृतिक सम्पत्ति-विनाशक विकास-कार्यों से सांस्कृतिक सम्पत्ति की सुरक्षा होनी चाहिए : यूनेस्को
योगी अरविंदजी कहते थे : ''जब यह कहा जाता है कि भारत विस्तार करेगा और अपने को व्यापक बनायेगा तब उसका अर्थ यह है कि सनातन धर्म स्वयं का विश्व में विस्तार और फैलाव करेगा।
3 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
अद्भुत है भगवत्कथा-सत्संग की महिमा
कथा त्रिवेणी संगम... ... नेणे वर्णं या सुखां ॥
1 min
April 2026
Rishi Prasad Hindi
इसमें हानि-लाभ किसका ?
यह संक्षिप्त जीवन-चरित्र है उनका जिन्हें विश्व संत श्री आशारामजी बापू के नाम से जानता है ।
2 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
इन ६ गलतियों से बचेंगे तो स्वास्थ्य में लगेंगे ४ चाँद व छक्के
भोजन के बाद पेट का भारी होना, अफरा (गैस), अम्लपित्त (हाइपर एसिडिटी), पाचन ठीक से न होना आदि समस्याओं से यदि आप परेशान हैं तो हो सकता है आप भी ये गलतियाँ कर रहे हों जो अधिकांश लोग अनजाने में करते हैं।
2 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
अद्वितीय वैश्विक क्रांति का जन्म
संतत्व को पाये हुए अपने शिष्य को साँईं लीलाशाहजी ने डीसा में एक कुटीर में रहने की आज्ञा दी ।
1 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
महान लक्ष्य और हिमालय-सी अडिगता
इन बालक का भगवद्भक्ति की और गहरा झुकाव था। खेलने-कूदने की उम्र में ये घंटों तक ईश्वर के ध्यान, चिंतन में तल्लीन हो जाते ।
2 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
अर्धांगिनी की धर्मशक्ति
जो स्वार्थरहित सेवा करते हैं, भगवान और समाज के बीच सेतु बनते हैं वे कर्मयोगी हो जाते हैं ।
3 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
किया हुआ सत्संग व्यर्थ नहीं जाता
एक शिष्य रहता था गुरुजी के पास।
1 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
विलक्षण दूरदर्शिता
आज राष्ट्रीय या वैश्विक स्तर पर ऐसी कई समस्याएँ हैं जिनको बड़ी चुनौती समझा जा रहा है अथवा कुछ ऐसी हैं कि गम्भीर होते हुए भी जिनका संज्ञान ही नहीं लिया जा रहा है, उनका प्रायोगिक एवं सशक्त समाधान इन संत ने वर्षों पूर्व ही दे दिया था।
4 mins
April 2026
Rishi Prasad Hindi
१००० मेहमानों को दिलायी ऋषि प्रसाद की पंचवार्षिक सदस्यता
उपहार में दिया दिव्य ज्ञान
1 min
April 2026
Translate
Change font size

